भाई दूज 2018 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्राचीन महत्व
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बुधवार, 31 अक्टूबर 2018
भाई दूज 2018 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्राचीन महत्व
भाई दूज 2018 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्राचीन महत्व
भाई दूज 2018 में 9 नवम्बर 2018 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है। भाई दूज का महत्व बहुत अधिक है। भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनके लम्बे और सुखी जीवन की प्रार्थना करती हैं। भाई दूज को भाऊ बीज और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मनाने का है।
भाई दूज 2018 शुभ मुहूर्त - 08 नवम्बर 2018 - 01:09 से 03:17 तक
द्वितिया तिथि प्रारम्भ - 08 नवम्बर 2018- शाम 07:07 से
द्वितिया तिथि समाप्त - 08 नवम्बर 2018- शाम 07:20 तक
भाई दूज पूजा विधि
भाई दूज के दिन सुबह स्नानादि कर पवित्र हो जाएं।
शुभ मुहूर्त के समय भाई को रोली और चावल से तिलक करें।
तिलक करते समय ईश्वर से भाई की लम्बी और स्वस्थ रहने की कामना करें।
तिलक कर भाई को मीठा खिलाएं।
भाई को तिलक किए बिना भोजन और जल न ग्रहण करें।
संभव हो तो इस दिन यमुना नदी में अवश्य स्नान करें।
भाई दूज का महत्व
भाई दूज के दिन यम द्वितिया भी होती है। ऐसी मान्यता है कि यदि इस दिन भाई-बहन दोनों यमुना नदी में स्नान करते है। तो उन भाई-बहन को कभी घोर नरकों का सामना नहीं करना पड़ता है। इस दिन यमुना नदी में स्नान करने वाले को यमराज के लोक नर्क से मुक्ति मिल जाती है। मथुरा में यमुना नदी के किनारे यमराज का एक इकलौता मंदिर भी है। ऐसा माना जाता है कि वहां आकर यमराज और यमुना माता के दर्शन करने वाले को कभी नर्क नहीं जाना पड़ता है।
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